केंद्र-राज्य संबंध एवं आपातकालीन उपबंध : भारतीय संविधान का संघीय ढाँचा एवं संकटकालीन तंत्र
भारतीय संविधान एक **अर्ध-संघीय (quasi-federal)** ढाँचा स्थापित करता है, जिसमें शांतिकाल में संघ व राज्यों के बीच शक्तियों का वितरण होता है, परंतु संकट के समय संविधान स्वयं को **एकात्मक ढाँचे** में परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। भाग XI (अनुच्छेद 245-263) विधायी, प्रशासनिक व वित्तीय संबंधों की रूपरेखा देता है; भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) आर्थिक एकता सुनिश्चित करता है; भाग XIV (308-323) लोक सेवाओं की सुरक्षा करता है; भाग XVIII (352-360) आपातकालीन शक्तियों का प्रावधान करता है; और अनुच्छेद 368 संविधान की जीवंतता बनाए रखने हेतु संशोधन-प्रक्रिया देता है, जिसे केशवानंद भारती के **मूल ढाँचा सिद्धांत** ने सीमाबद्ध किया। प्रस्तुत असाइनमेंट में इन सभी विषयों का क्रमबद्ध, केस-आधारित विश्लेषण प्रस्तुत है।